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जीन्दगीलाइ हार मान्छौ भने, संसारको हार मानि दिन्छु |
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मत भए टाढा टाढा, तिम्रो साथ बाट टाढा |
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यो मननै कस्तो कस्तो तिमी सँगै साटौ भन्छ |
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हेरी रहे जुन तारा, हाम्रो वाचा सम्झि |
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मलाई पनि मन थिएन, तिम्लाई पठाई एक्लो बस्न |
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दोभान बजार झरेको, बतासै चल्यो सरर |
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धेरै थिए भन्ने कुरा, परदेश लाग्ने बेला |
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काहाँ भन्न सकुला म तिम्रो माया कती कती |
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माया लाउन पौडी आए, किनार लागेछु |
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तिमी एउटा फुल हौ हजार आँखा लाग्छन् |
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टुक्रिएको मुटु मेरो, मन्ले देख्छ संसार |
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मन्को दियो बाली दिन्छु, निभी दीन्छ एकै छिन्मा |
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बाध्यताका पर्खाललाई,मैले धेरै नाघे कि छु |
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तिम्रो सम्झना, झुटो मायाको आसा नै हो |
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कस्तो माया गाँसिएछ, सम्झना सधै आई दिन्छ |
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सुनगाभा हौ कि न सुनकेसरी |
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कुन साईनोले बोलाउ, के सम्बन्ध लगाई |
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तिम्लाई बिर्सिदिने कुनै चिज नै भएन |
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तिम्रो दिलको सागरमा, डुबी रहेछु |
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बगे मन पानी संग, सागरमा पुगिएला |
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