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मन्को बह बगि दिन्छ खोला बगेसरी |
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खोजिरन्थ्यो यी आँखाले, देख्यो तिमिलार्ई |
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गर्जिदैछ आकाश आज, यो मन किन आत्तिन्छ नि |
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आत्तिएर मुर्छा परे, मैले देखे साथि ढलेको |
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चिसोचिसो बतास, तिमि सँगको त्यो साथ |
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तिम्लाई खोज्दै हिड्दा, पुगे यो मन्दिरमा |
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दुखी जीवन मेरो हजुर, दुखै सँग रमाएछु |
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मनको भारी गह्रौ भयो, कहाँ गई बिसाउ |
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दोसाँधको भंगालोमा, मै आफैलाई पाँए |
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मन्को कुरा लेखेकी थिन्, चिट्ठि भित्र उन्ले |
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तिमी आयौ वहार ल्यायौ मेरो आँगनमा |
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गुलाब झै फक्रिएका कोमल तिम्रा ओठहरु |
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सम्झनाले सताउछ आफ्नै घरगाउ |
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तिम्रो मन्को सागरमा आजै डुबु कि |
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हावा सँगै उडि दिन्छ,दुःख सँगै रुन्छ मन |
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लामो रैछ बाटो हाम्रो कुन सँजोगले भेट्यौँ |
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जीबन बगे खोला सँग, कुन समुन्द्रमा मिसीने हो |
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साँझ बिहान देख्ने गर्छु सधै पधेरीमा |
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छाति दुखी दिन्छ, यो मन जलि दिदा |
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उकाली र ओरालीले, थाकेको छौ आज सारै |
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